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स्पेसएक्स / जीवन को मल्टीप्लैनेटरी बनानासभी एक्सप्लेनर
मंगल की ओर बढ़ते इंटरप्लैनेटरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम यान का स्पेसएक्स का 2016 का चित्रचित्र: स्पेसएक्स (2016)
स्पेसएक्स4 मिनट में पढ़ेंअक्टूबर 2026

जीवन को मल्टीप्लैनेटरी बनाना

विकास के दौर में · 2002

पृथ्वी से बाहर एक आत्मनिर्भर शहर बसाना स्पेसएक्स का संस्थापक लक्ष्य है। अब योजना पहले चंद्रमा पर और फिर मंगल पर शहर बसाने की है।

यह क्या है

एलन मस्क ने 14 मार्च 2002 को स्पेसएक्स की स्थापना की, और घोषित लक्ष्य था जीवन को मल्टीप्लैनेटरी बनाना: किसी दूसरी दुनिया पर इंसानों की ऐसी बस्ती जो अपने दम पर चल सके। यह सोच तब बनी जब उन्होंने मंगल तक एक छोटा पेलोड भेजने के लिए रूस में रिफर्बिश की गई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM, शीत युद्ध के दौर की लंबी दूरी की मिसाइलें) खरीदने की कोशिश की। बातचीत आगे नहीं बढ़ी, और मस्क इस नतीजे पर पहुंचे कि अंतरिक्ष तक पहुंचने की कीमत घटाने का इकलौता रास्ता यही है कि स्पेसएक्स अपने रॉकेट खुद बनाए।

इस लक्ष्य के लिए स्पेसएक्स की मशीन स्टारशिप है, दो चरणों वाला पूरी तरह दोबारा इस्तेमाल होने वाला रॉकेट। अपने वर्जन 3 रूप में यह 124 मीटर ऊंचा है, यानी लगभग 40 मंजिला इमारत जितना, और इसका व्यास 9 मीटर है। यह अब तक उड़ा सबसे ऊंचा और सबसे ताकतवर रॉकेट है।

इसकी जरूरत क्यों पड़ी

एलन मस्क का तर्क इंसानियत के बचे रहने का है। वे पृथ्वी से बाहर एक आत्मनिर्भर शहर चाहते हैं, ताकि इस ग्रह पर कोई आपदा, चाहे कुदरती हो या इंसानी, मानव सभ्यता को खत्म न कर सके।

मस्क इस लक्ष्य को चेतना की रक्षा के रूप में भी देखते हैं: स्पेसएक्स के 2026 के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) प्रॉस्पेक्टस में कंपनी ने “चेतना की रोशनी को तारों तक ले जाने” का संकल्प लिया है। इसका नजदीकी फायदा एक ऐसा रॉकेट है जो इतना सस्ता हो कि भारी लॉन्च रोजमर्रा की बात बन जाएं।

यह कैसे काम करता है

स्टारशिप का सुपर हेवी बूस्टर 33 रैप्टर इंजनों से चलता है, जो तरल मीथेन और तरल ऑक्सीजन जलाते हैं। मस्क ने यह ईंधन जोड़ी कुछ हद तक इसलिए चुनी, क्योंकि मंगल की हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड और जमीन में दबी बर्फ से वहीं मीथेन बनाई जा सकती है।

रैप्टर 3 दोनों संस्करणों में रैप्टर 2 से ज्यादा थ्रस्ट देता है

स्पेसएक्स ने मंगल यान को पहली बार 2016 में इंटरप्लैनेटरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम के रूप में दिखाया था। यह 12 मीटर चौड़ा कार्बन-फाइबर डिजाइन था, जिसे हर सफर में 100 या ज्यादा लोगों को ले जाना था। 2017 में इसका व्यास घटकर 9 मीटर हुआ और 2019 में यह स्टेनलेस स्टील का बना, और यही आज उड़ने वाला स्टारशिप है।

पूरी तरह दोबारा इस्तेमाल होने पर स्टारशिप लो अर्थ ऑर्बिट तक 100 से 150 मीट्रिक टन ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। एक बार इस्तेमाल करके छोड़ देने पर यह लगभग 250 टन ले जा सकता है।

रीयूजेबिलिटी की कीमत, कक्षा तक टन में

मंगल का सफर कक्षा में ईंधन भरने पर टिका है: लॉन्च के बाद टैंकर स्टारशिप मंगल जाने वाले यान का टैंक भरेंगे, ताकि वह वही 100 से 150 टन सीधे सतह तक ले जा सके।

आज की स्थिति

अप्रैल 2023 से स्पेसएक्स स्टारशिप के 14 फ्लाइट टेस्ट कर चुकी है, और 28 सितंबर 2026 को फ्लाइट 14 कक्षा में पहुंचने वाली पहली उड़ान बनी।

स्टारशिप की कुल फ्लाइट टेस्ट, अप्रैल 2023 की फ्लाइट 1 से सितंबर 2026 की फ्लाइट 14 तक

मंगल कार्यक्रम के लिए सबसे अहम है रॉकेट को वापस पाना। अक्टूबर 2024 में फ्लाइट 5 के दौरान लॉन्च टावर की मशीनी भुजाओं ने लौटते सुपर हेवी बूस्टर को हवा में ही पकड़ लिया, और स्पेसएक्स ने फ्लाइट 7 और 8 में यह कैच दोहराया। फ्लाइट 9 में पहली बार एक बूस्टर दोबारा उड़ा। हर दोबारा इस्तेमाल हुआ बूस्टर एक नया बूस्टर बनाने की जरूरत खत्म करता है, और मंगल पर शहर के लिए ऐसे शिप और बूस्टर चाहिए जो कई बार उड़ें।

22 मई 2026 को फ्लाइट 12 में बड़े वर्जन 3 यान पहली बार उड़े। शिप अंतरिक्ष में पहुंचा और योजना के मुताबिक हिंद महासागर में उतरा, बूस्टर मैक्सिको की खाड़ी में उतरा, और अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन (FAA) ने स्टारशिप की अगली उड़ान से पहले इस उड़ान की समीक्षा की। जुलाई में फ्लाइट 13 उड़ी।

आगे की राह

मार्च 2025 में एलन मस्क को उम्मीद थी कि स्टारशिप 2026 के अंत में मंगल के लिए रवाना होगा:

फरवरी 2026 में उन्होंने क्रम बदल दिया। उन्होंने कहा कि स्पेसएक्स पहले चंद्रमा पर अपने आप बढ़ने वाला शहर बनाएगी, क्योंकि चंद्रमा के लिए हर 10 दिन में यान रवाना हो सकते हैं, जबकि मंगल के लिए लॉन्च विंडो हर 26 महीने में एक बार खुलती है। मंगल पर शहर का काम पांच से सात साल में शुरू हो सकता है। लंबी अवधि का लक्ष्य वही है: मंगल पर लगभग 10 लाख लोग, जिन्हें 1,000 तक स्टारशिप के बेड़े ले जाएंगे और जिसका ज्यादातर खर्च स्टारलिंक के रेवेन्यू से आएगा।

सार

चंद्रमा पर और बाद में मंगल पर शहर इस बात पर निर्भर है कि स्टारशिप सस्ते में और बार-बार उड़े। 14 उड़ानों में स्पेसएक्स बूस्टर को पकड़ चुकी है और दोबारा उड़ा चुकी है, और शिप का दोबारा इस्तेमाल और कक्षा में उसकी रिफ्यूलिंग अगले पड़ाव हैं।

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टाइमलाइन

  • 14 मार्च 2002: मंगल मिशन के लिए रूस में रिफर्बिश की गई ICBM खरीदने के दौरे के बाद एलन मस्क ने तय किया कि वे अपने रॉकेट खुद बनाएंगे, और जीवन को मल्टीप्लैनेटरी बनाने के लक्ष्य के साथ स्पेसएक्स की स्थापना की।
  • 27 सितंबर 2016: एलन मस्क ग्वादालाहारा में इंटरप्लैनेटरी ट्रांसपोर्ट सिस्टम (ITS) पेश करते हैं, 12 मीटर चौड़ा कार्बन-फाइबर यान जो हर मंगल यात्रा में 100 से ज्यादा यात्रियों को ले जाए।
  • सितंबर 2017: ITS को निखारकर छोटा BFR कॉन्सेप्ट बनाया जाता है, जिसमें 9 मीटर का वही व्यास अपनाया गया जो स्टारशिप में आज भी है।
  • नवंबर 2018: स्पेसएक्स दोनों चरणों के नाम स्टारशिप (ऊपरी चरण) और सुपर हेवी (बूस्टर) रखती है।
  • 2019: स्पेसएक्स निर्माण सामग्री को कार्बन फाइबर से बदलकर 301 स्टेनलेस स्टील कर देती है।
  • 20 अप्रैल 2023: फ्लाइट 1 में पहली बार पूरा स्टारशिप और सुपर हेवी एक साथ लॉन्च होते हैं।
  • 13 अक्टूबर 2024: फ्लाइट 5 में पहली बार लौटते सुपर हेवी बूस्टर को हवा में पकड़ा जाता है।
  • 13 अक्टूबर 2025: फ्लाइट 11 ऊपरी चरण की नियंत्रित री-एंट्री (वायुमंडल में वापसी) और समुद्र में लैंडिंग के साथ वर्जन 2 के अभियान को पूरा करती है।
  • फरवरी 2026: एलन मस्क कहते हैं कि स्पेसएक्स मंगल से पहले चंद्रमा पर अपने आप बढ़ने वाला शहर बनाएगी।
  • 22 मई 2026: फ्लाइट 12 में पैड 2 से वर्जन 3 (ब्लॉक 3) हार्डवेयर पहली बार उड़ता है। शिप हिंद महासागर में उतरता है, बूस्टर मैक्सिको की खाड़ी में उतरता है, और FAA स्टारशिप की अगली उड़ान से पहले इस उड़ान की समीक्षा करता है।
  • 28 सितंबर 2026: फ्लाइट 14 कक्षा में पहुंचने वाली स्टारशिप की पहली उड़ान बनती है।
स्रोत (10)
प्रीमियमआगे पढ़ें · मुफ्त फीचरMACROHARD, आसान भाषा मेंमाइक्रोसॉफ्ट के 3 ट्रिलियन डॉलर के साम्राज्य को टक्कर देने की एलन मस्क की योजनासितंबर 2025 में मस्क ने पोस्ट किया कि मेम्फिस में कोलोसस 2 सुपरकंप्यूटर की छत पर MACROHARD लिखा जा रहा है। यह फीचर इस नाम के पीछे के SpaceXSI प्रोजेक्ट को समझाता है: ऐसे AI एजेंट, जो पूरी सॉफ्टवेयर कंपनी का काम कर सकें।पढ़ना मुफ्त है · 28 मौलिक चार्टअंग्रेजी में फीचर पढ़ें
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