स्टारलिंक
2019छोटे सैटेलाइटों के झुंड ने खुले आसमान को धरती पर लगभग हर जगह ब्रॉडबैंड कनेक्शन में कैसे बदल दिया।
16 जनवरी 2015 को सिएटल में सिर्फ बुलाए गए मेहमानों वाले एक कार्यक्रम में एलन मस्क ने एक ऐसी योजना रखी जो विज्ञान कथा जैसी लगती थी: लगभग 1,100 किलोमीटर की ऊंचाई पर करीब 4,000 छोटे सैटेलाइट, जो धरती के लगभग हर कोने तक तेज और कम देरी वाला ब्रॉडबैंड पहुंचाएं। आज यह योजना अब तक उड़ा सबसे बड़ा लो अर्थ ऑर्बिट नेटवर्क है, जिसके सितंबर 2026 के आखिर में 1.36 करोड़ कंज्यूमर सब्सक्राइबर थे और जिसकी सेवा लगभग 167 देशों और क्षेत्रों में है। लो अर्थ ऑर्बिट (LEO, पृथ्वी की निचली कक्षा) का मतलब है कि सैटेलाइट धरती के नजदीक, कुछ सौ किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ते हैं।
यह क्या है
स्टारलिंक स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है। बहुत दूर खड़े एक विशाल सैटेलाइट के बजाय यह नीचे और तेजी से उड़ने वाले हजारों छोटे सैटेलाइट इस्तेमाल करती है, जो पिज्जा बॉक्स जितनी डिश तक तेज ब्रॉडबैंड भेजते हैं। ग्राहक यह डिश बिना किसी टेक्नीशियन के खुद लगा लेते हैं। डायरेक्ट टू सेल के जरिए यह बिना किसी खास हार्डवेयर के आम मोबाइल फोन तक भी पहुंचती है।
इसकी जरूरत क्यों पड़ी
स्टारलिंक जो समस्या हल करती है वह पुरानी और जिद्दी है: जमीनी नेटवर्क वहीं रुक जाते हैं जहां केबल बिछाना या टावर लगाना फायदे का सौदा नहीं रहता। गांवों के घर, नावें, रिक्रिएशनल वाहन (घूमने के लिए बने मोटर होम) और दूर-दराज के काम की जगहें लंबे समय से धीमे इंटरनेट या बिना इंटरनेट के रही हैं, और स्टारलिंक सीधे इन्हीं खाली जगहों को निशाना बनाती है।
दूसरी वजह भी है। मस्क कह चुके हैं कि सब्सक्रिप्शन का पैसा मंगल पर बसने की स्पेसएक्स की योजना का खर्च उठाने में मदद करेगा।
यह कैसे काम करता है
लेटेंसी, यानी क्लिक और जवाब के बीच की देरी, की वजह से कक्षा की ऊंचाई इतनी मायने रखती है। मौजूदा सैटेलाइट लगभग 550 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ते हैं, जो इतना नजदीक है कि सिग्नल जल्दी आना-जाना कर लेता है। भूस्थिर सैटेलाइट, जो भूमध्य रेखा के ऊपर एक तय जगह पर टिका रहता है, लगभग 65 गुना ऊंचाई पर होता है, और सिर्फ यह अतिरिक्त दूरी सैकड़ों मिलीसेकंड की देरी जोड़ देती है। इसी वजह से पुराना सैटेलाइट इंटरनेट वीडियो कॉल पर अटकता है और स्टारलिंक नहीं।
सैटेलाइट आपस में लेजर लिंक से भी बात करते हैं, जिनकी रेटिंग स्टारलिंक के मुताबिक हर एक की 200 गीगाबिट प्रति सेकंड (Gbps) तक है, इसलिए डेटा जमीन को छुए बिना पूरे बेड़े में एक सैटेलाइट से दूसरे तक पहुंच सकता है। 2023 में आए V2 मिनी सैटेलाइट का वजन लगभग 740 से 800 किलो है और ये पहली पीढ़ी के मुकाबले लगभग चार गुना यूजर क्षमता देते हैं। यह सब बनाने के लिए ज्यादातर बुनियादी तकनीक कंपनी के भीतर ही ईजाद करनी पड़ी, क्योंकि इतने बड़े नेटवर्क के पुर्जे कोई सप्लायर नहीं बेचता था।
आज की स्थिति
सब्सक्राइबर 2022 के आखिर के 10 लाख से बढ़कर 30 सितंबर 2026 को 1.36 करोड़ हो गए, यानी चार साल से कम समय में 13 गुना से ज्यादा।
खगोलशास्त्री जोनाथन मैकडॉवेल की गिनती के मुताबिक 2 अक्टूबर 2026 तक लगभग 13,000 स्टारलिंक सैटेलाइट लॉन्च हो चुके थे, और इनमें से लगभग 11,100 काम कर रहे थे। स्पेसएक्स के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक 31 मार्च 2026 को कक्षा में मौजूद सभी सक्रिय और दिशा बदल सकने वाले सैटेलाइटों में लगभग 75% स्टारलिंक के थे। अमेरिका में ऊक्ला के स्पीड टेस्ट के अनुसार स्टारलिंक की मीडियन डाउनलोड स्पीड लगभग 100 मेगाबिट प्रति सेकंड (Mbps) है, जो वीडियो कॉल और हाई-डेफिनिशन स्ट्रीमिंग के लिए काफी है। स्टारलिंक की प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 2025 में इसने 42 बाजार, 46 लाख से ज्यादा ग्राहक और लगभग 3,000 सैटेलाइट जोड़े।
दिसंबर 2025 में स्टारलिंक ने 90 लाख ग्राहकों का आंकड़ा छुआ:
Starlink is connecting more than 9M active customers with high-speed internet across 155 countries, territories and many other markets. Thank you to all our customers around the world! 🛰️❤️🌎 → https://t.co/lJSdYGR9qN https://t.co/HpnDaKmJyL
Starlink (@Starlink) · X पर पोस्ट देखें
फरवरी 2022 में, रूस के यूक्रेन पर हमले के दो दिन बाद, मस्क ने घोषणा की कि वहां स्टारलिंक सेवा चालू हो गई है:
@FedorovMykhailo Starlink service is now active in Ukraine. More terminals en route.
Elon Musk (@elonmusk) · X पर पोस्ट देखें
फेडोरोव, जो तब तक यूक्रेन के रक्षा मंत्री बन चुके थे, 14 अक्टूबर 2026 को फिर मस्क की पोस्ट के जवाब में आए और स्पेसएक्स से यूक्रेन के ड्रोन पर लगे सैटेलाइट टर्मिनलों की स्पीड सीमा हटाने को कहा। मस्क ने जवाब दिया कि वे टर्मिनल स्टारशील्ड पर चलते हैं, जो अमेरिकी सरकार के नियंत्रण वाला सैन्य नेटवर्क है, और कमर्शियल स्टारलिंक सिर्फ नागरिक और रक्षात्मक इस्तेमाल तक सीमित है। पूरी बातचीत स्टारशील्ड एक्सप्लेनर में है।
आगे की राह
तीसरी पीढ़ी सबसे बड़ी छलांग है। 24 जुलाई 2026 की फ्लाइट 13 स्टारलिंक V3 सैटेलाइट छोड़ने वाली स्टारशिप की पहली उड़ान थी, जिसने सबऑर्बिटल रास्ते पर 20 सैटेलाइट छोड़े, और 28 सितंबर 2026 की फ्लाइट 14 ने 26 सैटेलाइट कक्षा तक पहुंचाए। हर V3 सैटेलाइट लगभग 350 किलोमीटर की ऊंचाई पर काम करने और आज उड़ रहे किसी भी सैटेलाइट से कहीं ज्यादा ट्रैफिक संभालने के लिए बना है।
हर सैटेलाइट में ज्यादा क्षमता से स्पेसएक्स कक्षा तक भेजे गए हर किलो के बदले ज्यादा ग्राहकों को सेवा दे पाती है और ज्यादा कमाती है। V2 मिनी सैटेलाइट फाल्कन 9 पर उड़ते रहेंगे, लेकिन हर V3 सैटेलाइट स्टारशिप से जाता है, जिसमें उड़ानें नियमित होने पर स्पेसएक्स हर लॉन्च में लगभग 60 सैटेलाइट भरने की योजना रखती है।
सार
स्टारलिंक की शुरुआत उन जगहों को जोड़ने के लिए हुई थी जिन्हें केबल और टावर छोड़ गए थे। 2026 के मध्य तक यह स्पेसएक्स के मुनाफे का मुख्य कारोबार बन चुकी थी, जबकि कंपनी अपनी AI यूनिट में भारी निवेश कर रही थी।
टाइमलाइन
- 2015, 16 जनवरी: एलन मस्क ने सिएटल के एक कार्यक्रम में स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट योजना का ब्योरा दिया, जिसमें लगभग 1,100 किलोमीटर की ऊंचाई पर करीब 4,000 लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइटों के समूह की बात थी।
- 2016, नवंबर: स्पेसएक्स ने 4,425 सैटेलाइटों तक की मंजूरी के लिए अमेरिकी संघीय संचार आयोग (FCC) में आवेदन किया।
- 2018, फरवरी: डिजाइन परखने के लिए पहले दो प्रोटोटाइप सैटेलाइट, टिनटिन A और B, लॉन्च हुए।
- 2019, मई: 60 स्टारलिंक सैटेलाइटों का पहला ऑपरेशनल बैच फ्लोरिडा के केप कैनावेरल से फाल्कन 9 पर लॉन्च हुआ।
- 2020, अक्टूबर: अमेरिका में ग्रामीण और कम सुविधा वाले इलाकों के लिए पब्लिक बीटा शुरू हुआ।
- 2021, जनवरी: लॉन्च के साथ कुल सैटेलाइटों की संख्या 1,000 पार हुई।
- 2022: अगस्त में स्पेसएक्स और अमेरिकी टेलीकॉम कंपनी टी-मोबाइल ने आम फोन तक डायरेक्ट-टू-सेल कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए साझेदारी की घोषणा की, और दिसंबर में स्टारलिंक ने 10 लाख सक्रिय यूजर का आंकड़ा पार किया।
- 2023: ऑप्टिकल लेजर लिंक वाले पहले V2 मिनी सैटेलाइट लॉन्च हुए, और काम कर रहे सैटेलाइटों की संख्या 5,000 पार हुई।
- 2024: FCC ने 7,500 तक सैटेलाइटों से डायरेक्ट-टू-सेल सेवा को मंजूरी दी, और दिसंबर में स्पेसएक्स ने अपना पहला डायरेक्ट-टू-सेल सैटेलाइट समूह पूरा किया।
- 2025: डायरेक्ट-टू-सेल की बीटा टेस्टिंग शुरू हुई, और साल भर में 42 नए बाजार, 46 लाख से ज्यादा ग्राहक और लगभग 3,000 सैटेलाइट जुड़े।
- 2026: 30 सितंबर तक कंज्यूमर सब्सक्राइबर 1.36 करोड़ पहुंचे। फ्लाइट 13 (24 जुलाई) ने सबऑर्बिटल स्टारशिप उड़ान पर 20 स्टारलिंक V3 सैटेलाइट छोड़े, और फ्लाइट 14 (28 सितंबर) ने 26 सैटेलाइट कक्षा तक पहुंचाए।
स्रोत (10)
- GeekWire: एलन मस्क ने सिएटल के एक निजी कार्यक्रम में स्पेसएक्स की अंतरिक्ष इंटरनेट योजना पेश की (जनवरी 2015)
- स्टारलिंक: “2025 Progress Report” (PDF)
- स्टारलिंक: “Technology”
- अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC): स्पेसएक्स का फॉर्म 424B4, इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) का अंतिम प्रॉस्पेक्टस (12 जून 2026)
- नैस्डैक: स्पेसएक्स की 2026 की दूसरी तिमाही की अर्निंग्स कॉल की मुख्य बातें
- जोनाथन मैकडॉवेल: स्टारलिंक के आंकड़े
- US Mobile: ऊक्ला स्पीडटेस्ट डेटा पर आधारित स्टारलिंक की स्पीड
- X पर स्टारलिंक: 90 लाख ग्राहक (दिसंबर 2025)
- स्पेसएक्स: स्टारशिप फ्लाइट 13 का मिशन विवरण
- स्पेसएक्स: स्टारशिप फ्लाइट 14 का मिशन विवरण
