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स्पेसएक्स / स्टारलिंक डायरेक्ट टू सेलसभी एक्सप्लेनर
स्पेसएक्स · 4 मिनट में पढ़ें · 2024 · अक्टूबर 2026

स्टारलिंक डायरेक्ट टू सेल

सैटेलाइट सेवा, जो आम 4G फोन को वहां भी सिग्नल देती है जहां कोई टावर नहीं है।

स्टारलिंक डायरेक्ट टू सेल स्पेसएक्स की सैटेलाइट-टू-फोन सेवा है। जब आसपास कोई मोबाइल टावर नहीं होता, तब भी इससे आम फोन सैटेलाइट से जुड़ जाता है। लो अर्थ ऑर्बिट (LEO, पृथ्वी की निचली कक्षा, जो कुछ सौ किलोमीटर ऊपर है) में घूमते खास तौर पर बने स्टारलिंक सैटेलाइट अंतरिक्ष में मोबाइल टावर का काम करते हैं। इसलिए लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन (LTE, मोबाइल डेटा का मानक प्रोटोकॉल) पर चलने वाला आम 4G फोन जमीनी कवरेज खत्म होने के बाद भी कहीं से भी मैसेज भेज सकता है, और आगे चलकर वॉयस कॉल और डेटा भी इस्तेमाल कर सकेगा। इसके लिए न नया फोन चाहिए, न ऐप और न ही कार पर लगा कोई एंटीना।

डायरेक्ट टू सेल क्या है?

स्पेसएक्स ने जनवरी 2024 में अपने पहले डायरेक्ट टू सेल सैटेलाइट लॉन्च किए, और कुछ ही दिनों में उनमें से एक ने जमीन पर रखे आम फोन तक शॉर्ट मैसेज सर्विस (SMS) भेज दिया। स्पेसएक्स के अपने शब्दों में, लक्ष्य मोबाइल नेटवर्क के आम डेड जोन खत्म करके पूरी दुनिया को कनेक्शन देना है।

डायरेक्ट टू सेल की जरूरत क्यों पड़ी

जमीनी नेटवर्क वहीं रुक जाते हैं जहां और टावर लगाना फायदे का सौदा नहीं रहता। पहाड़, समुद्र, रेगिस्तान और शहरों के बीच हाईवे के लंबे सुनसान हिस्से हमेशा से डेड जोन रहे हैं, यानी ऐसी जगहें जहां सिग्नल नहीं आता। और ठीक ऐसी ही जगह पर किसी इमरजेंसी में मदद पाना सबसे मुश्किल होता है। डायरेक्ट टू सेल इन खाली जगहों को भरता है और किसी से खास उपकरण साथ रखने को नहीं कहता, इसलिए इसका संभावित बाजार हर वह कम्पैटिबल फोन है जो आज इस्तेमाल में है।

यह कैसे काम करता है

असली चुनौती भौतिकी की है। फोन एक कमजोर सा रेडियो है, जो कुछ किलोमीटर दूर के टावर तक पहुंचने के लिए बना है। ऊपर हजारों किमी/घंटा की रफ्तार से गुजरते सैटेलाइट तक सिग्नल भेजना उसके लिए कहीं ज्यादा कठिन काम है। स्पेसएक्स ने यह दूरी फेज्ड ऐरे एंटीना (जो अपनी बीम इलेक्ट्रॉनिक तरीके से घुमाते हैं), कस्टम चिप्स और बीम को ट्यून करने वाले सॉफ्टवेयर से पाटी। यह सॉफ्टवेयर डॉप्लर शिफ्ट (तेजी से गुजरते सैटेलाइट की वजह से सिग्नल की फ्रीक्वेंसी में आने वाला बदलाव) और फोन के कमजोर सिग्नल, दोनों की भरपाई करता है। यह सब साझेदार टेलीकॉम कंपनियों के 1.6 से 2.7 गीगाहर्ट्ज वाले LTE स्पेक्ट्रम पर चलता है। सुविधाएं चरणों में आईं।

सुविधाओं की शुरुआत, जिस साल उनका पहली बार जिक्र हुआ

सबसे पहले टेक्स्ट मैसेज आए। फिर मशीन-टू-मशीन इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) डेटा के टेस्ट हुए, जिनमें डिवाइस बिना किसी इंसान के आपस में बात करते हैं। उसके बाद कमर्शियल मैसेजिंग शुरू हुई, और जैसे-जैसे ज्यादा सैटेलाइट लॉन्च हुए, वॉयस, वीडियो और डेटा भी आते गए। पहली पीढ़ी प्रति बीम लगभग 10 मेगाबिट प्रति सेकंड की स्पीड देती है, और एलन मस्क कह चुके हैं कि अगली पीढ़ियां इससे कहीं ज्यादा क्षमता देंगी। शुरुआती लक्ष्य 2 से 4 मेगाबिट प्रति सेकंड की डाउनलोड स्पीड और 20 से 40 मिलीसेकंड की अनुमानित देरी है, जो एक सामान्य कनेक्शन जैसा अनुभव देने के लिए काफी कम है।

शुरुआती डाउनलोड स्पीड का लक्ष्य

डायरेक्ट टू सेल का अर्थशास्त्र

स्पेसएक्स टेलीकॉम कंपनियों से लगभग रोमिंग पार्टनर की तरह जुड़ती है और उनके पहले से मौजूद स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करती है। ये कंपनियां कवरेज को मासिक ऐड-ऑन की तरह बेचती हैं। इससे उन प्लान पर नया रेवेन्यू जुड़ता है जिनके लिए ग्राहक पहले से पैसे देते हैं, और न टेलीकॉम कंपनी को अतिरिक्त हार्डवेयर चाहिए, न ग्राहक को। टी-मोबाइल ने अपने T-Satellite ऐड-ऑन की कीमत पहले 15 डॉलर महीना रखी, फिर इसे 10 डॉलर पर लॉन्च किया।

डायरेक्ट टू सेल आज

यह सेवा तेजी से डेमो से रोजमर्रा के इस्तेमाल तक पहुंची। नवंबर 2024 में स्पेसएक्स को कमर्शियल सेवा के लिए अमेरिकी संघीय संचार आयोग (FCC) की मंजूरी मिली, और दिसंबर 2024 में One NZ ने पूरे न्यूजीलैंड में सैटेलाइट मैसेजिंग शुरू कर दी। टी-मोबाइल ने फरवरी 2025 में अमेरिका में बीटा शुरू किया और उसी साल जुलाई में T-Satellite को कमर्शियल रूप से लॉन्च किया। नवंबर 2025 में कीवस्टार ने यूक्रेन को इससे जोड़ा, और मार्च 2026 तक यह सेवा 32 से ज्यादा देशों और 1.7 अरब से ज्यादा लोगों तक पहुंच गई।

कक्षा में डायरेक्ट टू सेल सैटेलाइट

आगे की राह

योजना टेक्स्ट से आगे बढ़कर पूरी मोबाइल सेवा तक जाने की है, जिसमें वॉयस, वीडियो और ज्यादा डेटा पूरे नेटवर्क पर शुरू होगा। सितंबर 2025 में स्पेसएक्स ने इकोस्टार के एडवांस्ड वायरलेस सर्विसेज (AWS-4) और H-ब्लॉक स्पेक्ट्रम को लगभग 17 अरब डॉलर में खरीदने का समझौता किया, और नवंबर में 2.6 अरब डॉलर की शेयर डील में इकोस्टार के AWS-3 लाइसेंस भी जोड़ लिए। इस स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल पूरी दुनिया में हो सकता है, और इसी पर फोन से जुड़ने वाले नई पीढ़ी के सैटेलाइट काम करेंगे। स्पेसएक्स की प्रेसिडेंट ग्विन शॉटवेल के मुताबिक इनका लॉन्च दो साल के भीतर शुरू होना था, और फोन पर पहले टेस्ट 2026 के आखिर में होने थे।

8 अक्टूबर 2026 को स्पेसएक्स ने बताया कि उसने 800 MHz बैंड में 14 मेगाहर्ट्ज तक के पेयर्ड स्पेक्ट्रम वाला देशव्यापी लो-बैंड लाइसेंस पोर्टफोलियो खरीदने का समझौता किया है। इसे FCC की अंतिम मंजूरी चाहिए, और इसका मकसद इमारतों के अंदर भी फोन तक सिग्नल पहुंचाना है। उसी हफ्ते FCC ने स्टारलिंक मोबाइल के Gen2 कॉन्स्टेलेशन को मंजूरी दी, जिससे स्पेसएक्स दुनिया भर में 2 GHz स्पेक्ट्रम के लिए बने 15,000 सैटेलाइट लॉन्च कर सकती है। स्पेसएक्स के मुताबिक ये V2 सैटेलाइट मौजूदा पीढ़ी से 100 गुना से ज्यादा बैंडविड्थ देंगे।

इमरजेंसी में मदद, जिससे यह विचार पहली बार साबित हुआ, अब भी इसकी मुख्य भूमिका है। हेलेन और मिल्टन तूफानों और लॉस एंजेलिस के जंगलों की आग के दौरान, FCC की विशेष अनुमति से टी-मोबाइल के ग्राहक जमीनी नेटवर्क बंद होने पर भी स्टारलिंक के जरिए मैसेज भेज पाए और वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट पा सके।

सार

स्टारलिंक डायरेक्ट टू सेल उन डेड जोन को खत्म करता है जहां जमीनी नेटवर्क कभी पहुंचने वाले नहीं थे। इकोस्टार से 19.6 अरब डॉलर के स्पेक्ट्रम सौदे स्पेसएक्स का यह दांव हैं कि उसकी अगली पीढ़ी के सैटेलाइट इन फोन तक कॉल और डेटा भी पहुंचाएंगे।

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टाइमलाइन

  • जनवरी 2024: स्पेसएक्स ने अपने पहले डायरेक्ट टू सेल सैटेलाइट लॉन्च किए और 6 दिन के भीतर आम फोन पर SMS भेजने में कामयाबी पाई।
  • 2024: लाखों बीटा और इमरजेंसी मैसेज भेजे गए, X और व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल कामयाब रहीं और CAT-1 इंटरनेट ऑफ थिंग्स डेटा के टेस्ट हुए।
  • सितंबर 2024: हेलेन और मिल्टन तूफानों के दौरान FCC की विशेष अनुमति से टी-मोबाइल के जरिए मैसेज और वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट मुमकिन हुए।
  • नवंबर 2024: स्पेसएक्स को अमेरिका में कमर्शियल डायरेक्ट टू सेल सेवा के लिए FCC की मंजूरी मिली।
  • दिसंबर 2024: One NZ ने पूरे न्यूजीलैंड में सैटेलाइट मैसेजिंग शुरू की।
  • दिसंबर 2024: एलन मस्क ने घोषणा की कि पहला डायरेक्ट-टू-सेल कॉन्स्टेलेशन पूरा हो गया है, जो प्रति बीम लगभग 10 मेगाबिट देता है।
  • जनवरी 2025: एलन मस्क ने घोषणा की कि सैटेलाइट-टू-सेल बीटा टेस्ट 3 दिन में शुरू होगा।
  • फरवरी 2025: टी-मोबाइल ने अमेरिका में अपना T-Satellite बीटा शुरू किया।
  • अप्रैल 2025: कमर्शियल लॉन्च से पहले टी-मोबाइल ने T-Satellite ऐड-ऑन की प्रस्तावित कीमत 15 डॉलर से घटाकर 10 डॉलर की शुरुआती दर कर दी।
  • जुलाई 2025: टी-मोबाइल ने T-Satellite को 10 डॉलर महीने पर कमर्शियल रूप से लॉन्च किया।
  • सितंबर 2025: स्पेसएक्स ने इकोस्टार के AWS-4 और H-ब्लॉक स्पेक्ट्रम लाइसेंस लगभग 17 अरब डॉलर में खरीदने का समझौता किया।
  • नवंबर 2025: स्पेसएक्स ने 2.6 अरब डॉलर की शेयर डील में इकोस्टार के AWS-3 लाइसेंस जोड़े, और कीवस्टार ने यूक्रेन में डायरेक्ट टू सेल सेवा शुरू की।
  • मार्च 2026: लगभग 650 सैटेलाइटों के साथ सेवा 32 से ज्यादा देशों और 1.7 अरब से ज्यादा लोगों तक पहुंची।
  • 8 अक्टूबर 2026: स्पेसएक्स ने 800 MHz लो-बैंड में 14 MHz तक का स्पेक्ट्रम खरीदने का समझौता किया (FCC की मंजूरी बाकी), और FCC ने 15,000 सैटेलाइटों वाले Gen2 स्टारलिंक मोबाइल कॉन्स्टेलेशन को मंजूरी दी।
स्रोत (11)
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