PRIME स्टडी
लकवे के लिए सोच से चलने वाले ब्रेन इम्प्लांट का न्यूरालिंक का पहला मानव ट्रायल
PRIME स्टडी इंसानों पर न्यूरालिंक का पहला ट्रायल है, जो यह परखता है कि क्या सिक्के के आकार का ब्रेन इम्प्लांट गंभीर लकवे वाले व्यक्ति को सिर्फ सोचकर कंप्यूटर या फोन चलाने दे सकता है। PRIME का पूरा नाम प्रिसाइज रोबोटिकली इम्प्लांटेड ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस है। इसके पहले प्रतिभागी को 28 जनवरी 2024 को इम्प्लांट लगा, और उन्होंने सिर्फ इरादा करके कर्सर चलाना सीख लिया। अगले ही दिन एलन मस्क ने घोषणा की कि इस प्रोडक्ट का नाम टेलीपैथी है।
The first human received an implant from @Neuralink yesterday and is recovering well. Initial results show promising neuron spike detection.
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न्यूरालिंक की PRIME स्टडी क्या है?
PRIME एक शुरुआती व्यवहार्यता अध्ययन (अर्ली फिजिबिलिटी स्टडी) है, जो अमेरिका की नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में NCT06429735 नंबर से पंजीकृत है। इसमें दो हार्डवेयर एक साथ परखे जाते हैं: N1, सिक्के के आकार का इम्प्लांट जो दिमाग की गतिविधि पढ़ता है, और R1, वह सर्जिकल रोबोट जो इसे लगाता है। ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) ऐसा सिस्टम है जो दिमाग के संकेतों को सीधे किसी डिवाइस के आदेशों में बदल देता है। N1 में 1,024 इलेक्ट्रोड हैं, जो 64 थ्रेड पर फैले हैं। हर थ्रेड इंसान के बाल से भी पतला है, और सभी मोटर कॉर्टेक्स के संकेत सुनते हैं, यानी दिमाग का वह हिस्सा जहां हरकत करने का इरादा बनता है।
PRIME स्टडी क्यों शुरू हुई
यह ट्रायल क्वाड्रिप्लेजिया वाले लोगों के लिए है, यानी चारों हाथ-पैरों में लकवा, जो गर्दन के पास रीढ़ की हड्डी में चोट से या एमियोट्रोफिक लेटरल स्क्लेरोसिस (ALS, एक बढ़ती बीमारी जो मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली नसों को नष्ट कर देती है) से होता है। प्रतिभागी की चोट को कम से कम एक साल बीत चुका हो और कोई सुधार न हुआ हो, और उसकी उम्र कम से कम 22 साल हो। इन लोगों के लिए माउस का एक क्लिक करना भी मुमकिन नहीं होता। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मई 2023 में इन्वेस्टिगेशनल डिवाइस एग्जेम्प्शन (IDE) दिया, जो इस ट्रायल की कानूनी मंजूरी है, और उसी सितंबर में भर्ती शुरू हुई। लक्ष्य एक वाक्य में कहा जा सकता है: दिमाग से हरकत का इरादा पढ़ना और उसे स्क्रीन पर नियंत्रण के रूप में लौटाना।
We are excited to share that we have received the FDA’s approval to launch our first-in-human clinical study! This is the result of incredible work by the Neuralink team in close collaboration with the FDA and represents an important first step that will one day allow our
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यह कैसे काम करता है
R1 रोबोट थ्रेड इतनी सटीकता से लगाता है जितनी किसी इंसानी हाथ से मुमकिन नहीं। इसके बाद N1 दिमाग की अलग-अलग कोशिकाओं के संकेत पढ़ता है और यूजर जो हरकत करना चाहता है, उसे कर्सर की हरकत में बदल देता है। रफ्तार बिट्स प्रति सेकंड (BPS) में मापी जाती है, जो बताती है कि हर सेकंड सोच से काम तक कितनी जानकारी पहुंचती है। अपने पहले रिसर्च सेशन में पहले प्रतिभागी ने 4.6 BPS के साथ BCI से कर्सर चलाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया, और बाद में 8.0 तक पहुंचे। एक दूसरे प्रतिभागी ने 10 का आंकड़ा पार किया। 1 अक्टूबर 2026 को न्यूरालिंक ने 11.32 BPS का नया BCI रिकॉर्ड बताया, जबकि मीडियन प्रतिभागी लगभग 10 पर है। टाइपिंग 40 शब्द प्रति मिनट तक पहुंच चुकी है।

Early progress with our second participant https://t.co/uiFVAUZzvK
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PRIME स्टडी का अर्थशास्त्र
N1 इम्प्लांट, R1 रोबोट और साथ का ऐप जांच के दौर वाले (इन्वेस्टिगेशनल) डिवाइस हैं। हर प्रतिभागी और उसके एक देखभाल करने वाले के लिए डिवाइस, सर्जरी और स्टडी से जुड़ी यात्रा का खर्च न्यूरालिंक उठाती है। रेवेन्यू की जगह सर्जरी का रिकॉर्ड देखा जाता है: न्यूरालिंक ने 2024 की पहली छमाही में 1 इम्प्लांट किया और 2025 की दूसरी छमाही में 13। जैसे-जैसे रोबोट ज्यादा काम संभालेगा, हर सर्जरी की लागत और मेहनत घट सकती है, और इसी तरह भविष्य का प्रोडक्ट अपने विकास का खर्च निकालेगा।
PRIME स्टडी की मौजूदा स्थिति
28 जनवरी 2026 को दो साल पूरे होने तक न्यूरालिंक ने 21 पंजीकृत प्रतिभागियों की जानकारी दी, जिन्हें वह न्यूरलनॉट्स कहती है, और डिवाइस से जुड़ी एक भी गंभीर प्रतिकूल घटना दर्ज नहीं हुई। न्यूरालिंक पर नजर रखने वाली वेबसाइट Neura Pod के मुताबिक अक्टूबर 2026 तक 27 या उससे ज्यादा लोग इसमें हैं: लगभग 16 अमेरिका में, 7 ब्रिटेन में और 4 कनाडा में। एक प्रतिभागी ने एक दिन में 17 घंटे तक इसका इस्तेमाल किया। यह प्रोग्राम 4 देशों में है: अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात, जहां अबू धाबी सेंटर ने अभी किसी इम्प्लांट की जानकारी नहीं दी है।
आगे की राह
PRIME के 18 महीने के मुख्य चरण के बाद 5 साल तक सुरक्षा की निगरानी होती है, यानी पूरी स्टडी लगभग छह साल की है। इसकी शाखाएं भी निकल चुकी हैं। CONVOY स्टडी में N1 से एक सहायक रोबोटिक हाथ चलाने की जांच होती है, और VOICE स्टडी का लक्ष्य बोलने की क्षमता लौटाना है, जिसमें बातचीत की रफ्तार 140 शब्द प्रति मिनट तक पहुंचाने का घोषित लक्ष्य है। अंतरराष्ट्रीय संस्करण (CAN-PRIME, UAE-PRIME और GB-PRIME) अमेरिका के मूल सेंटरों से कहीं आगे तक पहुंच खोलते हैं। हर नई शाखा इस बात की नई परख है कि एक इम्प्लांट क्या-क्या पढ़ सकता है, और हर शाखा यूजरों के छोटे पर बढ़ते समूह के लिए फॉलो-अप देखभाल और सॉफ्टवेयर जोड़ती है।
सार
PRIME ने किसी घोषणा के बजाय सर्जरी के असली रिकॉर्ड से दिखाया है कि ज्यादा चैनलों वाला वायरलेस इम्प्लांट उन लोगों को डिजिटल नियंत्रण लौटा सकता है जो इसे खो चुके थे। डिकोडिंग लगातार तेज हो रही है: कर्सर का रिकॉर्ड 2024 के 4.6 बिट्स प्रति सेकंड से बढ़कर अक्टूबर 2026 में 11.32 हो गया।
टाइमलाइन
- मई 2023: FDA ने PRIME स्टडी के लिए न्यूरालिंक को इन्वेस्टिगेशनल डिवाइस एग्जेम्प्शन (IDE) दिया।
- 19 सितंबर 2023: भर्ती शुरू हुई और मरीजों की रजिस्ट्री लॉन्च हुई।
- 28 जनवरी 2024: फीनिक्स के बैरो न्यूरोलॉजिकल इंस्टीट्यूट में पहले प्रतिभागी को N1 इम्प्लांट लगा।
- 29 जनवरी 2024: मस्क ने घोषणा की कि पहले प्रोडक्ट का नाम टेलीपैथी है।
- 8 मई 2024: न्यूरालिंक ने बताया कि उसके पहले प्रतिभागी ने एक पहले के सेशन में 4.6 बिट्स प्रति सेकंड का कर्सर रिकॉर्ड बनाया था और बाद में 8.0 तक पहुंचे।
- नवंबर 2024: CAN-PRIME (कनाडा) और CONVOY (रोबोटिक हाथ) ट्रायल शुरू हुए।
- मई 2025: क्लीवलैंड क्लिनिक अबू धाबी में UAE-PRIME शुरू हुआ, और FDA ने बोलने की क्षमता के लिए ब्रेकथ्रू डिवाइस डेजिग्नेशन (तेज समीक्षा का दर्जा) दिया।
- जुलाई 2025: लंदन और न्यूकैसल में GB-PRIME शुरू हुआ।
- अक्टूबर 2025: डलास के UT साउथवेस्टर्न में VOICE शुरू हुआ।
- 28 जनवरी 2026: न्यूरालिंक के “Two Years of Telepathy” अपडेट के मुताबिक 21 प्रतिभागी नामांकित थे और डिवाइस से जुड़ी एक भी गंभीर प्रतिकूल घटना नहीं हुई।
- 20 मई 2026: टोरंटो में सर्जनों ने ली मार्टेन को ड्यूरा (दिमाग की बाहरी सख्त झिल्ली) को खोले बिना उसके आर-पार इम्प्लांट लगाया, जो न्यूरालिंक के लिए पहली बार हुआ।
- 1 अक्टूबर 2026: न्यूरालिंक ने 11.32 बिट्स प्रति सेकंड का नया कर्सर रिकॉर्ड बताया, जबकि मीडियन प्रतिभागी लगभग 10 पर है।
स्रोत (16)
- Neura Pod: न्यूरालिंक पेशेंट टेबल (अक्टूबर 2026)
- न्यूरालिंक: “Neuralink's First-in-Human Clinical Trial is Open for Recruitment”
- न्यूरालिंक: “PRIME Study Progress Update: User Experience”
- न्यूरालिंक: “Two Years of Telepathy” (28 जनवरी 2026)
- न्यूरालिंक: क्लिनिकल ट्रायल
- न्यूरालिंक: “PRIME Study Brochure” (PDF)
- अमेरिकी ट्रायल रजिस्ट्री ClinicalTrials.gov: “PRIME: An Early Feasibility Study” (NCT06429735)
- ClinicalTrials.gov: CAN-PRIME ट्रायल (NCT06700304)
- ClinicalTrials.gov: CONVOY ट्रायल (NCT06710626)
- ClinicalTrials.gov: UAE-PRIME ट्रायल (NCT06992596)
- ClinicalTrials.gov: GB-PRIME ट्रायल (NCT07127172)
- ClinicalTrials.gov: VOICE ट्रायल (NCT07224256)
- Neura Pod: न्यूरालिंक के क्लिनिकल ट्रायल केंद्र
- Neura Pod: ली मार्टेन, ड्यूरा (दिमाग की बाहरी सख्त झिल्ली) के पार पहला इम्प्लांट (20 मई 2026)
- एलन मस्क, X पर: टेलीपैथी की घोषणा वाली पोस्ट
- न्यूरालिंक: “Pretraining on 50,000 Hours” (1 अक्टूबर 2026)
